भ्रष्टाचार के खिलाफ भारत समर्थक

लोकपाल पर अन्ना हजारे का अनशन आज सातवें दिन भी जारी

संसद में जन लोकपाल विधेयक को पारित कराने का दबाव बनाने लिए गांधीवादी नेता अन्ना हजारे का अनिश्चितकालीन अनशन
आज सातवें दिन में प्रवेश कर गया। उनके सहयोगी सुरेश पथारे ने बताया कि अनशन शुरू होने के बाद से अन्ना का 4.3 किलोग्राम वजन कम हो गया है।
   
हजारे दस दिसंबर से अनशन पर हैं। हजारे राज्यसभा में संशोधित लोकपाल विधेयक को पारित कराने के लिए दबाव बना रहे हैं, वहीं एक समय उनके करीबी रहे अरविंद केजरीवाल ने इस विधेयक को जोकपाल बताकर इसे खारिज कर दिया है।
   
कल रालेगण सिद्धि में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए हजारे ने कहा था कि मैं इसे पूरी तरह स्वीकार करता हूं। यदि यह विधेयक पारित हो जाता है, तो मैं अपना अनशन समाप्त कर दूंगा। इस विधेयक से देश के गरीबों को फायदा होगा।
   
केजरीवाल ने विधेयक और हजारे के इसे स्वीकार करने पर अपनी नाखुशी जाहिर की है। उन्होंने कल कहा कि मुझे वास्तव में हैरानी हुई है। अन्ना कैसे सरकारी लोकपाल विधेयक स्वीकार कर सकते हैं। सरकारी लोकपाल एक जोकपाल है। कौन उन्हें गुमराह कर रहा है।
   
हजारे ने समाजवादी पार्टी से विधेयक का समर्थन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि सभी दल इसका समर्थन करेंगे और यह पारित होगा।

अनशन के पांचवे दिन भी किरण बेदी अन्ना के साथ है

anna, anna hazare, अन्ना, अन्ना हजारे, किरण बेदी, किरण, बेदी, kiran bedi, kiran, bedi, anna, anna hazare, अन्ना, अन्ना हजारे, किरण बेदी, किरण, बेदी, kiran bedi, kiran, bedi, anna, anna hazare, अन्ना, अन्ना हजारे, किरण बेदी, किरण, बेदी, kiran bedi, kiran, bedi, anna, anna hazare, अन्ना, अन्ना हजारे, किरण बेदी, किरण, बेदी, kiran bedi, kiran, bedi, anna, anna hazare, अन्ना, अन्ना हजारे, किरण बेदी, किरण, बेदी, kiran bedi, kiran, bedi, anna, anna hazare, अन्ना, अन्ना हजारे, किरण बेदी, किरण, बेदी, kiran bedi, kiran, bedi,
जन लोकपाल की मांग को लेकर अनशन पर बैठे अन्ना हजारे का साथ देने किरण बेदी बैठ रही हैं.

यह अन्ना के अनशन का पांचवां दिन है.

इससे पूर्व अन्ना का मंच ‘आप’ और अन्ना समर्थकों के बीच हुए विवाद के कारण आरोप- प्रत्यारोपों का अखाड़ा बन गया.

इस कारण अन्ना के साथ एकजुटता प्रदर्शित करने पहुंचे आप नेता गोपाल राय को अन्ना ने गांव छोड़ कर चले जाने को कह दिया.गोपाल राय वहां से तो चले गए लेकिन उन्होंने कहा कि वह अनशन जारी रखेंगे.
चंदा बना दूरी का कारण

अन्ना और केजरीवाल के बीच मतभेद तब  सामने आए थे जब इंडिया अगेंस्ट करप्शन अभियान के दौरान एकत्र चंदे से संबंधित एक सीडी में धन के दुरुपयोग का मामला उजागर हुआ था.

शुरुआत टीम अन्ना के अहम सदस्य जनरल वीके सिंह के यह कहने से हुई जब उन्होंने आप नेताओं का नाम लिए बगैर कहा कि अन्ना जी ने जब जन लोकपाल के लिए आंदोलन शुरू किया तो कई लोग उनके साथ रहे लेकिन बाद में उन्हें छोड़कर चले गए.

सिंह यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा, कि अब वे लोग कहते हैं कि अन्ना की वजह से वो नहीं, बल्कि उनकी वजह से अन्ना हैं. वास्तविकता यह है कि अन्ना जी ने जो किया उसकी उपेक्षा नहीं की जा सकती.

अगर हमें अपने देश को आगे ले जाना है तो हमें एक होना चाहिए और अलग-अलग समूह तथा राजनीतिक दल नहीं बनाने चाहिए.

बस फिर क्या था वहां अन्ना के साथ अनशन करने पहुंचे और श्रोताओं में बैठे आप के नेता गोपाल राय बिफर पड़े. उन्होंने आपत्ति दर्ज कराई. इस पर सिंह ने कहा आप बाद में बोल सकते हैं. लेकिन गोपाल राय हल्ला गुल्ला करते रहे और सिंह के भाषण के बीच टोका-टोकी जारी रखी. सिंह ने कहा, कि आप मुझे कुछ और बोलने पर मजबूर न करें. अपनी गलतफहमी और खुश फहमी को अपने पास रखें.

अन्ना ने गांव छोड़ने को कहा

विवाद बढ़ता देख अन्ना ने माइक संभाला और तल्ख लहजे में राय से अपनी नाराजगी जताई.
उन्होंने कहा, ‘मैंने कल भी आपसे अनशन नहीं करने को कहा था. आप बीच में क्यों बोल रहे हैं. आपसे सब लोग कह रहे हैं बीच में नहीं बोलें, लेकिन आप टोका-टोकी कर रहे हैं. अगर आपको शोर शराबा करना है तो गांव से बाहर जा सकते हैं. यहां नहीं बैठिए. जब लोग बोल रहे हैं तो उन्हें टोकना ठीक नहीं है. यह सिस्टम नहीं है.'

इसके बाद गोपाल राय वहां से चले गए और पार्टी हाईकमान के बुलावे पर वापस दिल्ली के लिए रवाना हो गए.

अन्ना के अनशन का आज चौथा दिन, अन्ना के आगे झुकी सरकार

महाराष्ट्र के रालेगण सिद्धि में अण्णा हजारे के अनशन का आज चौथा दिन है। अन्ना की जिद के आगे सरकार झुकती नजर आ रही है। दो साल बाद आज आखिरकार लोकपाल बिल को राज्यसभा में पेश कर दिया गया। बिल पेश करते ही एक तरफ सदन में हंगामा शुरू हो गया तो वहीँ अन्ना के गांव में जश्न का माहौल बन गया। 

अन्ना पिछले चार दिन से अपने गांव रालेगण सिद्धि में लोकपाल बिल लाने की मांग को लेकर अनशन पर बैठे हैं। अन्ना के अनशन के समर्थन में आज पूर्व सेना अध्यक्ष वीके सिंह रालेगण सिद्धि पहुंचे थे। इस दौरान वीके सिंह ने केजरीवाल पर निशाना साधते हुए अन्ना का फायदा उठाने का आरोप लगाया। इस पर अनशन में बैठे आप पार्टी के नेता गोपाल राय ने इसका विरोध किया। उनके
और वीके सिंह के बीच हलकी नोक झोक भी हुई। इसपर अनशन पर बैठे अन्ना हजारे नाराज हो गए और उन्होंने गोपाल राय को डांटते हुए उन्हें गांव छोड़ने की नसीहत दे डाली। साथ ही अन्ना ने कहा कि उन्होंने कभी भी आप पार्टी को अनशन के लिए नहीं बुलाया था। अन्ना की फटकार के बाद गोपाल राय मंच से हट गए।

अन्ना की फटकार से नाराज 'आप' पार्टी नेता गोपाल राय ने रालेगण सिद्धि छोड़ने का फैसला कर लिया है। मीडिया से बात करने के दौरान उन्होंने कहा कि वह अन्ना के साथ हमेशा खड़े हैं।   

इस मामले के बाद जनलोकपाल के लिए रालेगण सिद्धि में अनशन कर रहे समाजसेवी अन्ना हजारे और अरविंद केजरीवाल की टीम में मतभेद खुलकर सामने आ गए।    

इस बिल को भाजपा के साथ ही जदयू और एनसीपी समर्थन कर रहे हैं। सपा बिल का विरोध कर रही है। खास बात यह है कि इस बिल की चर्चा में आज सचिन भी अपने विचार रख सकते हैं। 

इस बिल के पेश होते ही अन्ना के रालेगण सिद्धि में जश्न का माहौल बन गया है। अन्ना ने भी साफ कर दिया है कि अगर सरकार संसोधित बिल पास करवाती है तो वह अपने अनशन को छोड़ सकते हैं। इस बीच, हजारे के समर्थक उनके आंदोलन की हिमायत करने पुणे और औरंगाबाद जैसी जगहों से रालेगण सिद्धी पहुंचे हैं। अन्ना के अनशन को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने समर्थन देने का फैसला किया है। 

अन्ना के अनशन के चौथे दिन आज एक बार फिर किरण बेदी जुड़ सकती हैं। कल से आप पार्टी नेता गोपाल राय भी अन्ना के समर्थन में रालेगण में रुके हुए हैं।  

आज अनशन से पहले डॉक्टरों ने अन्ना की सेहत की जांच की। डॉक्टरों के मुताबिक अन्ना की सेहत ठीक है लेकिन उनका वजन तेजी से कम हो रहा है। अन्ना का हल्का ब्लड प्रेशर भी बढ़ा हुआ है।

लोकपाल बिल पर चर्चा के लिए छह घंटे का समय तय किया गया है।' इससे पहले कल संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ ने कहा कि 'लोकपाल बिल हमारी प्राथमिकता है।' यह बिल लोकसभा में एक बार पारित हो चुका है। राज्यसभा में विपक्ष के विरोध की वजह से अटक गया था। 

लोकपाल को लेकर अन्ना का अनशन तीसरे दिन भी जारी

आम आदमी पार्टी नहीं चाहती कि अन्ना हजारे अपने प्रस्तावित जनलोकपाल विधेयक के एक भी मुद्दे से पीछे हटें। गुरुवार को रालेगणसिद्धि पहुंचे 'आप' नेता कुमार विश्वास ने अपने भाषण में कहा कि कांग्रेस को जनलोकपाल विधेयक का वहीं प्रस्ताव पास करवाना होगा, जो दो साल पहले जंतर-मंतर पर अन्ना के आंदोलन में प्रस्तावित किया गया था। पर्यावरणवादी कार्यकर्ता मेधा पाटकर भी अन्ना के समर्थन में रालेगण सिद्धि पहुंच गई हैं।

अन्ना, अन्ना हजारे, अनशन, रालेगणसिद्धि, जनलोकपाल, अन्ना, अन्ना हजारे, अनशन, रालेगणसिद्धि, जनलोकपाल, अन्ना, अन्ना हजारे, अनशन, रालेगणसिद्धि, जनलोकपाल, अन्ना, अन्ना हजारे, अनशन, रालेगणसिद्धि, जनलोकपाल, अन्ना, अन्ना हजारे, अनशन, रालेगणसिद्धि, जनलोकपाल, अन्ना, अन्ना हजारे, अनशन, रालेगणसिद्धि, जनलोकपाल, अन्ना, अन्ना हजारे, अनशन, रालेगणसिद्धि, जनलोकपाल, अन्ना, अन्ना हजारे, अनशन, रालेगणसिद्धि, जनलोकपाल, अन्ना, अन्ना हजारे, अनशन, रालेगणसिद्धि, जनलोकपाल, अन्ना, अन्ना हजारे, अनशन, रालेगणसिद्धि, जनलोकपाल, अन्ना, अन्ना हजारे, अनशन, रालेगणसिद्धि, जनलोकपाल, अन्ना, अन्ना हजारे, अनशन, रालेगणसिद्धि, जनलोकपाल, अन्ना, अन्ना हजारे, अनशन, रालेगणसिद्धि, जनलोकपाल, अन्ना, अन्ना हजारे, अनशन, रालेगणसिद्धि, जनलोकपाल, अन्ना, अन्ना हजारे, अनशन, रालेगणसिद्धि, जनलोकपाल, अन्ना, अन्ना हजारे, अनशन, रालेगणसिद्धि, जनलोकपाल,
कुमार विश्वास 'आप' के दो अन्य प्रमुख सदस्यों संजय सिंह एवं गोपाल राय के साथ रालेगणसिद्धि पहुंचे। रालेगण सिद्धि में अन्ना हजारे के आमरण अनशन का गुरुवार को तीसरा दिन था। जनलोकपाल विधेयक पारित कराने की मांग को लेकर मंगलवार से शुरू हुए अन्ना हजारे के अनशन स्थल पर 'आप' के नेताओं को देखने के लिए अचानक भीड़ उमड़ पड़ी।

लेकिन इस भीड़ में से ही कुछ लोगों ने 'आप' के खिलाफ नारेबाजी भी की। ये लोग अन्ना के अनशन में अब तक अरविंद केजरीवाल के न आने से नाराज थे। करीब ढाई घंटे अनशन स्थल पर रहने के बाद कुमार विश्वास अपने साथी संजय सिंह के साथ वापस लौट गए, जबकि गोपाल राय अन्ना के मंच के सामने ही अनशन पर बैठ गए हैं। चूंकि अन्ना हजारे अपने मंच पर किसी राजनीतिक दल को स्थान नहीं देना चाहते, इसलिए कुमार विश्वास ने मंच के नीचे से ही वहां उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ये न समझे कि वह लोकपाल के नाम पर कोई भी विधेयक पास करके अन्ना को संतुष्ट कर देगी। उसे बिल्कुल वही विधेयक संसद में पास करवाना होगा, जो दो साल पहले अपने आंदोलन के दौरान अन्ना हजारे ने जंतर-मंतर पर पेश किया था।

माना जा रहा है कि कुमार विश्वास ने अन्ना के मंच के सामने से कांग्रेसनीत सरकार को यह चेतावनी देकर अन्ना और कांग्रेस के बीच होने वाली किसी भी संभावित बातचीत पर पानी फेर दिया है। जबकि कहा जा रहा था कि इस बार अन्ना हजारे कुछ संशोधन के साथ सरकार के लोकपाल विधेयक को मंजूरी दे देंगे। अपने अनशन स्थल पर कुमार विश्वास के यह याद दिलाने के बाद अन्ना का अपनी बात से पीछे हटना मुश्किल होगा। अन्ना के अनशन को समर्थन देने के लिए टीम अन्ना की पुरानी सहयोगी किरण बेदी पहले ही रालेगणसिद्धि पहुंच चुकी हैं। अनशन शुरू होने के तीसरे दिन अन्ना का स्वास्थ्य ठीक बताया जा रहा है। लेकिन उनके वजन में कुछ कमी जरूर आई है।

अब लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को सबक सिखाएगी जनता : अन्ना

arvind kejriwal, anna hazare, sheila dixit, arvind, kejriwal, anna, hazare, sheila, dixit, arvind kejriwal, anna hazare, sheila dixit, arvind, kejriwal, anna, hazare, sheila, dixit, arvind kejriwal, anna hazare, sheila dixit, arvind, kejriwal, anna, hazare, sheila, dixit, arvind kejriwal, anna hazare, sheila dixit, arvind, kejriwal, anna, hazare, sheila, dixit, arvind kejriwal, anna hazare, sheila dixit, arvind, kejriwal, anna, hazare, sheila, dixit, arvind kejriwal, anna hazare, sheila dixit, arvind, kejriwal, anna, hazare, sheila, dixit, arvind kejriwal, anna hazare, sheila dixit, arvind, kejriwal, anna, hazare, sheila, dixit, arvind kejriwal, anna hazare, sheila dixit, arvind, kejriwal, anna, hazare, sheila, dixit, arvind kejriwal, anna hazare, sheila dixit, arvind, kejriwal, anna, hazare, sheila, dixit, arvind kejriwal, anna hazare, sheila dixit, arvind, kejriwal, anna, hazare, sheila, dixit, arvind kejriwal, anna hazare, sheila dixit, arvind, kejriwal, anna, hazare, sheila, dixit, arvind kejriwal, anna hazare, sheila dixit, arvind, kejriwal, anna, hazare, sheila, dixit, arvind kejriwal, anna hazare, sheila dixit, arvind, kejriwal, anna, hazare, sheila, dixit, arvind kejriwal, anna hazare, sheila dixit, arvind, kejriwal, anna, hazare, sheila, dixit, arvind kejriwal, anna hazare, sheila dixit, arvind, kejriwal, anna, hazare, sheila, dixit,
रालेगण सिद्धी (महाराष्ट्र) : दिल्ली विधानसभा चुनावों में ‘आप’ पार्टी को मिली कामयाबी पर वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने कहा कि कांग्रेस की धोखाधड़ी से ‘आप’ पार्टी को कामयाबी मिली। अन्ना हजारे ने कहा कि जनता ने कांग्रेस पार्टी को सजा दी है।

ज़ी मीडिया से खास बातचीत में अन्ना हजारे ने कहा, ‘उन्हें विश्वास की केजरीवाल इस टोपी की मान रखेंगे। केजरीवाल विपक्ष में बैठकर भी अच्छा काम करेंगे।’

अन्ना ने कहा कि वह पक्ष और पार्टी में विश्वास नहीं करते। उन्होंने कहा कि जनता कांग्रेस से अपना गुस्सा निकाल रही है। अन्ना ने कहा कि शीला दीक्षित को हराना केजरीवाल की बड़ी जीत है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने उनकी टोपी नहीं पहनी, बल्कि गांधी टोपी पहनी है। अन्ना हजारे ने कहा कि राजनीतिक दल भ्रष्टाचार को दिल से नहीं मिटाना चाहते। 

केजरीवाल की पार्टी के लिए चुनाव प्रचार करने से इंकार करने वाले हजारे ने दिल्ली के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) के शानदार प्रदर्शन पर खुशी का इजहार किया। शीला दीक्षित पिछले 15 वर्षों से दिल्ली की मुख्यमंत्री थीं।

‘आप’ के प्रदर्शन के बारे में पूछने पर हजारे ने कहा, ‘‘निश्चित तौर पर अच्छा प्रदर्शन है। देश की राजनीति का दिल्ली केन्द्र है। दिल्ली में सत्ता की कमान संभाले पार्टी को हाथ में महज एक झाडू लेकर हराना कोई आसान बात नहीं है।’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘इस पुराने दल (कांग्रेस) के पास काफी धन है। मुझे खुशी है कि ऐसी स्थिति में भी उनकी पार्टी को 24 सीटों पर विजय मिलती दिख रही है।’’

अपने गांव रालेगण सिद्धी में पत्रकारों के साथ बातचीत में अन्ना हजारे ने कहा कि कांग्रेस की धोखाधड़ी से ‘आप’ पार्टी को कामयाबी मिली। अन्ना हजारे ने कहा कि जनता ने कांग्रेस पार्टी को सजा दी है।

अन्ना हजारे ने कहा कि राजीतिक दल अच्छा कानून नहीं बनाते। उन्होंने कहा कि जनता कांग्रेस पार्टी को लोकसभा चुनाव में भी सबक सिखाएगी। अन्ना हजारे ने कहा कि जरूरत पड़ी तो वह देश भर में भ्रमण करेंगे लेकिन किसी पार्टी का प्रचार नहीं करेंगे।

अन्ना ने फिर भरी हुंकार, लोकपाल के लिए 10 दिसंबर से करेंगे बेमियादी अनशन

रालेगण सिद्धि (महाराष्ट्र)। सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे एक बार फिर जनलोकपाल बिल के लिए अनशन करेंगे। अन्‍ना इस बार अपना आंदोलन अपने ही क्षेत्र राणेगण सिद्धि में करेंगे।

anna hazare, Janlokpal bill, Ralegan Siddhi, anna hazare, Janlokpal bill, Ralegan Siddhi, anna hazare, Janlokpal bill, Ralegan Siddhi, anna hazare, Janlokpal bill, Ralegan Siddhi, anna hazare, Janlokpal bill, Ralegan Siddhi, anna hazare, Janlokpal bill, Ralegan Siddhi, anna hazare, Janlokpal bill, Ralegan Siddhi, anna hazare, Janlokpal bill, Ralegan Siddhi, anna hazare, Janlokpal bill, Ralegan Siddhi, anna hazare, Janlokpal bill, Ralegan Siddhi, anna hazare, Janlokpal bill, Ralegan Siddhi, anna hazare, Janlokpal bill, Ralegan Siddhi, anna hazare, Janlokpal bill, Ralegan Siddhi, anna hazare, Janlokpal bill, Ralegan Siddhi, anna hazare, Janlokpal bill, Ralegan Siddhi, anna hazare, Janlokpal bill, Ralegan Siddhi,

anna hazare, Janlokpal bill, Ralegan Siddhi

अन्‍ना मजबूत लोकपाल विधेयक के लिए 10 दिसंबर से यादव बाबा मंदिर में अनिश्चतकालीन अनशन करेंगे। अपने आंदोलन के बारे में घोषणा करते हुए हजारे ने केंद्र से 5 दिसंबर से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में विधेयक लाने के लिए साहस दिखाने को कहा है।

हजारे ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को एक खत लिखकर भ्रष्टाचार विरोधी विधेयक लाने में केंद्र सरकार की नाकामी पर नाराजगी जाहिर की थी। सामाजिक कार्यकर्ता ने बातचीत में आरोप लगाया कि ‘राजनीतिक इच्छाशक्ति’ के अभाव में यह विधेयक लटका हुआ है। हजारे को अपने जवाबी पत्र में संसदीय मामलों के मंत्री वी नारायण सामी ने लोकपाल विधेयक लाने की दिशा में सरकार की ओर से उठाए गए विभिन्न कदमों के बारे में बताया। हजारे ने कहा कि उन्हें मंगलवार को नारायणसामी का पत्र मिला।

सरकार की कोशिशों पर नाखुशी जाहिर करते हुए हजारे ने कहा कि पिछले दो साल से संवाद हो रहा है लेकिन उसका कोई नतीजा नहीं निकला। इससे पहले, केंद्र ने आश्वस्त किया था कि विधेयक संसद के बजट सत्र में पेश किया जाएगा। प्रवर समिति ने इसे 23 नवंबर 2012 को मंजूरी दे दी थी लेकिन मानसून सत्र में भी कुछ नहीं हुआ।’

अन्ना हजारे ने कहा कि अब देश परिणाम चाहता है, वजह नहीं और इसलिए मैं भूख हड़ताल करने जा रहा हूं। हजारे ने बताया कि आंदोलन यहां होगा, दिल्ली के रामलीला मैदान में नहीं। उन्होंने लोगों से विधेयक का रास्ता बनाने के लिए अहिंसक तरीके से सरकार पर दवाब बढाने का भी आह्वान किया।

वर्ष 2011 में जनलोकपाल आंदोलन की पृष्ठभूमि में बढ़ते जन दबाव के बीच केंद्र ने लोकसभा में लोकपाल विधेयक को पारित कर दिया था। राज्यसभा से यह अब तक पारित नहीं हुआ है। गौरतलब है कि हजारे ने कहा था कि लोकसभा द्वारा पारित विधेयक और जनलोकपाल विधेयक के मसौदे में काफी अंतर है।


पीएमओ के चिठ्ठी को अण्णा का जबाब...

Date: 26/11/2013
अन्ना,  मनमोहन, हजारे, अण्णा हजारे, अन्ना हजारे, अन्ना,  मनमोहन, हजारे, अण्णा हजारे, अन्ना हजारे, अन्ना,  मनमोहन, हजारे, अण्णा हजारे, अन्ना हजारे, अन्ना,  मनमोहन, हजारे, अण्णा हजारे, अन्ना हजारे, अन्ना,  मनमोहन, हजारे, अण्णा हजारे, अन्ना हजारे, अन्ना,  मनमोहन, हजारे, अण्णा हजारे, अन्ना हजारे, अन्ना,  मनमोहन, हजारे, अण्णा हजारे, अन्ना हजारे, अन्ना,  मनमोहन, हजारे, अण्णा हजारे, अन्ना हजारे, अन्ना,  मनमोहन, हजारे, अण्णा हजारे, अन्ना हजारे,

अन्ना,  मनमोहन


To,
Honorable,
Shri. Manmohan Sinhji,
Prime Minister,
Government of India.

Sub: - With reference to the letter received on 25 th November, sent by your office on 28 th October………..

Dear Sir,

I received a letter of Shri. V. Naranasamy, sent by your office. I felt disheartened to read the letter. I am writing to you since last two years regarding passing of the Janlokpal Bill. Neither you nor your government has taken any constructive steps to bring the Janlokpal bill. For last two years, the citizens of India are being fooled in this regard. You have mentioned in your letter that, the selected committee of Rajya Sabha, after reviewing the recommendations of Lokpal & Lokaayukta Bill, the Central Government had directed the Rajya Sabha Secretariat to put forth the Bill in Rajya Sabha for further recommendations.

It was decided to pass the Bill in the Budget Session of the Rajya Sabha. But the Bill was not tabled in this Session. You have not mentioned any specific reason for this, in your letter. The Selected Committee of Rajya Sabha had sent its report on 23 rd. November 2012. After receiving this report on 23 rd. November 2012, this Bill was expected to be discussed in the Budget Session of Rajya Sabha, but unfortunately this did not happen.

The Bill was not discussed in the Monsoon Session too, without any reason. You had assured in your letter that the Bill would be passed in the Monsoon Session, but the Bill was not discussed. It’s a rare possibility that the Janlokpal & Lokaayukta Bills would be discussed in the Winter Session either. You & your party members are every now & then give assurances to the citizens, that they are committed to bring a strong Lokpal to eradicate the corruption from India. But unfortunately, this is not happening in reality.

You all are promising the countrymen for your commitment to bring the Janlokpal Bill, but for past two years it is not passed. The selected committee of Rajya Sabha had submitted its report on 23 rd. November 2012. Only discussion was remaining to be done in the Rajya Sabha, but for last two years it was not done, this is beyond my understanding. You have mentioned there are two colors for this Bill, one supporting & other opposing.

After having these two colors in your government too, you all have succeeded in passing the Bills like, Land Acquisition Bill, Food Security Bill, Pension Bill, Bill to allow the members to contest election from jail, Presidents election etc. Rajya Sabha has highest members of your party. The Selected Committee of Rajya Sabha is headed by your party. It’s not impossible at all to pass the Bill, if you all had a will to do so; hereby you are continuously fooling the citizens of India.

You also have mentioned this Bill is of national importance & therefore it is essential that it be discussed in the house in a Democratic way, before passing the Bill. This Bill was passed in the Loksabha, with consent, in a single day. In the Rajya Sabha Selected Committee has been established for this, which had submitted its report on 30 th. November. It gets stuck at this place, which replicates a question mark on willpower of the government. Only the discussion is remaining in Rajya Sabha, for this, period of one year has passed; it clearly indicates lack of willpower on governments’ part.

In every letter you insist that, the government is continuously making efforts to pass the Lokpal & Lokaayukta Bills as soon as possible. These assurances have completed a year, but so far Lokpal & Lokaayukta Bills are not passed. I had written to you earlier that, you are fooling us continuously regarding the Janlokpal Bill, therefore I would show protest on the Ramleela Maidan on the very first day of the Winter Session.

I have gone through an operation recently. My health is not sound; the Doctors have strictly advised me not to travel. So I would begin my protest from some other place. I would write to you in my next letter regarding the place.

Yours,

K. B. Alias Anna Hazare.