भ्रष्टाचार के खिलाफ भारत समर्थक

कपिल सिब्बल, अमित सिब्बल, चिदंबरम और वाहनवती की वोडाफ़ोन गाथा!



कपिल सिब्बल ने Vodafone और Hutchison के 11000 करोड़ रुपये के बकाया Tax के लिए , कोर्ट से कहा हम समझौता कर लेंगे !

Vodafone और Hutchison ने एस्सार को 2000 करोड़ रुपये दिए की कोर्ट से बकाया टैक्स का केस ख़त्म करवाओ !!!

मतलब सिब्बल साहब 2000 करोड़ रुपये लेकर 11000 करोड़ रुपये माफ़ करना चाहते हैं !

और हाँ एक बात बताना तो भूल ही गया कपिल सिब्बल का बेटा अमित सिब्बल Hutchison का वकील है !

2000 हज़ार रिश्वत खोरी वो भी पूरी साबुत के साथ, जागो कांग्रेस जागो और देश छोड़ कर भागो, क्यों की अरविन्द जी, तुम लोगो की वाट लगा कर हे मानेगे 

सिब्बल साहब 3000 करोड़ की सब्सिडी गैस सिलिंडर पर नहीं दे सकते पर 11000 करोड़ की टैक्स चोरी माफ़ करने के लिए प्रयास रत हैं !

वोट की ताकत पहचानो : अन्ना हजारे


गांधीवादी अन्ना हजारे का बुधवार को जनतंत्र रथ यात्रा के साथ बिलाड़ा आगमन पर स्थानीय लोगों ने भव्य स्वागत किया। अन्ना के आगमन पर बाण गंगा मोड़ से एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने मोटरसाइकिल रैली के साथ उनका स्वागत किया। अजमेर रोड स्थित जिनिंग फैक्ट्री में ग्रामीणों को संबोधित करते हुए अन्ना हजारे ने कहा कि देश को आजादी कहां मिली है, ये तो कोई आजादी नहीं है। केवल स्कूलों में गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। पहले गोरों ने राज किया, आजकल काले राज कर रहे हैं। देश की असली मालिक जनता आज भी सो रही है। अन्ना ने कहा कि देश के असली मालिक तो तुम हो। जिसको तुमने चुनकर भेजा, वो अपने आप को मालिक समझ रहा है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि अब तो नींद से जागो। आखिर कब तक सोओगे। तुम ही देश के असली मालिक हो। 

उन्होंने कहा कि जाति पांती, धर्म, भाई भतीजा वाद व पैसा लेकर इस बार वोट मत दो। फिर देखो देश की तकदीर बदल जाती है। उन्होंने कहा कि वोट की ताकत है तुम्हारे पास, इसे पहचानों व इसका सही प्रयोग करो। उन्होंने कहा कि आजादी की दूसरी लड़ाई फिर से शुरू करनी होगी। इसके लिए जेल भी जाना पड़ेगा। उन्होंने युवाओं से देश के लिए एक साल का समय देने का आह्वान किया, जिस पर दर्जनों लोगों ने अपने नंबर व नाम लिख कर दिए। साथ ही सैकड़ों लोगों ने सदस्यता फार्म भरें। वरिष्ठ पत्रकार संतोष भारती ने कहा कि आज देश में चारों तरफ भष्ट्राचार की लूट मची हुई है। अन्ना हजारे ने जनता के सहयोग से देश में परिवर्तन की आशा की है। सूफी जिलानी ने कहा कि देश में किसानों की स्थिति ठीक नहीं है। नेता लोग भष्ट्राचार व मौज कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से इस बार चुनाव में सही आदमी को चुनकर भेजने का आह्वान किया। अन्ना हजारे के मंच पर आते ही माला पहनाने के लिए लोगों का तांता लग गया। फिर सभा में बैठे सैकड़ों लोगों ने वंदेमातरम व अन्ना तुम संघर्ष करो हम तुम्हारे साथ हैं और भारत माता की जयकारों से पांडाल गूंज उठा। 

जनता ने दिया 7 हजार 531 रुपयों का सहयोग : सभा के दौरान मौजूद लोगों ने थोड़ा-थोड़ा सहयोग करते हुए अन्ना की टीम को 7 हजार 531 रुपए इक्कठा करके दिए।

अन्ना हजारे के मंच पर नहीं बैठेंगे स्थानीय नेता


गणतंत्र यात्रा लेकर आ रहे सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के मंच पर स्थानीय नेता नहीं बैठेंगे। बुधवार को पंचायती धर्मशाला में अन्ना हजारे के कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर स्थानीय प्रतिनिधियों की बैठक में मंचासीन होने को लेकर मतभेद सामने आया। बैठक में हुई तकरार दूर करने के लिए निर्णय लिया गया कि अन्ना हजारे के मंच पर कोई भी स्थानीय प्रतिनिधि नहीं बैठेगा। अन्ना हजारे, पूर्व सेनाध्यक्ष वीके सिंह, सूफी गिलानी और संतोष भारतीय चार मई रात को श्रीगंगानगर पहुंचेंगे। पांच मई को पब्लिक पार्क में सभा होगी।

पंचायती धर्मशाला में बैठक में सभा, इससे पूर्व की रैली सहित अन्य गतिविधियों की तैयारियों की चर्चा हो रही थी। इसी दौरान नगरपरिषद के पूर्व सभापति महेश पेड़ीवाल को आयोजन कमेटी का संयोजक बनाने पर कई लोगों ने आपत्ति जताई, फिर अजायबसिंह ग्रेवाल, अजीत सहारण सहित अन्य ने कहा कि जब पेड़ीवाल की पत्नी यूआईटी की अध्यक्ष थी, तब कई कार्यों में अनियमितताओं की बात लोग करते हैं। इस पर कुछ लोग आक्रोशित हो गए। इन्हें शांत किया तो कइयों ने कहा कि हमें भी सभा में बोलने का मौका दिया जाना चाहिए।

बैठक में नगरपरिषद के पूर्व सभापति महेश पेड़ीवाल, चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष बंशीधर जिंदल, तेजेंद्रपालसिंह टिम्मा, मोहनलाल गर्ग, पार्षद रमजानअली चोपदार, पूर्व उपसभापति नरेश मुन्ना, अजीत सहारण, अजायबसिंह ग्रेवाल, बालमुकंद सारस्वत, हरीश कपूर, छगन बलाना और डॉ.भरत मय्यर आदि उपस्थित थे।

चिटफंड घोटाला: राजपाट चलाने वालों की लूट !!!


पश्चिम बंगाल का शारदा चिटफंड घोटाला दिनोंदिन एक नई शक्‍ल लेता नजर आ रहा है. अब इस घोटाले से वित्तमंत्री पी. चिदंबरम की पत्‍नी का भी नाम जुड़ रहा है. हालांकि चिदंबरम की पत्‍नी ने सभी आरोपों से इनकार किया है.

घोटाले के मुख्‍य आरोपी सुदीप्‍तो सेन ने सीबीआई को जो लंबी-चौड़ी चिट्ठी लिखी है, उसमें पी. चिदंबरम की पत्‍नी पर भी आरोप लगाए गए हैं. चिट्ठी में चिदंबरम की पत्‍नी नलिनी चिदंबरम को भी घेरा गया है. नलिनी चिदंबरम पेशे से वकील हैं. चिट्ठी में अन्‍य कई बड़ी शख्सियतों में नाम का जिक्र है.

चिट्ठी के मुताबिक, पी. वी. नरसिम्हा राव सरकार में मंत्री रहे मतंग सिंह, उनकी पत्नी मनोरंजना सिंह और सुदीप्तो सेन के बीच डील में नलिनी चिदंबरम वकील के तौर पर जुड़ी थीं.

सूत्रों के अनुसार, नलिनी चिदंबरम ने अपने ऊपर लगे आरोपों से साफ इनकार किया है. नलिनी चिदंबरम ने कहा है कि उन्‍होंने कभी भी शारदा ग्रुप के चेयरमैन व सीएमडी सुदीप्‍त सेन से किसी चैनल को स्‍थापित करने के लिए मदद नहीं मांगी.

पश्चिम बंगाल की राजनीति में उबाल 
जैसे-जैसे चिट फंड का काला चिट्ठा खुलता जा रहा है, वैसे-वैसे बंगाल की राजनीति में उबाल आता जा रहा है. पंचायत चुनाव में ममता बनर्जी को चिंता में डाल दिया है, इसलिए उन्होंने आनन-फानन में 500 करोड़ रुपये के एक राहत कोष बनाने का ऐलान कर दिया. यही नहीं, हर मौके पर वे इसके लिए सीपीएम को दोषी ठहराने से नहीं चूकती हैं.

लाखों लोगों की जमापूंजी हड़पकर उनकी उम्मीदों का गला घोंटने वाले शारदा ग्रुप के सीएमडी सुदीप्तो सेन को लेकर पुलिस जब कोलकाता पहुंची, तो वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. सुरक्षा इसलिए थी कि कहीं गुस्साए निवेशक उन पर हमला न बोल दें. कड़ी सुरक्षा में पुलिस सुदीप्तो, कंपनी की निदेशक देवयानी समेत तीन लोगों को सुरक्षित एयरपोर्ट से लेकर निकल गई, लेकिन वहां कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन जरूर किया.

मुर्दों का पैसा भी खा गई सरकार

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मुर्दों  का पैसा भी खा गई सरकार 


भिखारियों का पैसा भी खा गई सरकार


वाह वाह क्या बात है...! भिखारियों का पैसा भी खा गई सरकार...! अब ये ही करने को रह गया था...!!!


राहुल गांधी को अन्ना की चिठ्ठी...

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श्रीमान्‌ राहुल गांधी,
उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी,
नई दिल्ली.

महोदय,

सस्नेह वन्दे।

देश और देश की जनता के भलाई के बारे में आप जो बोलते हैं उसे सुन कर अच्छा लगता है। आप एक युवक हैं। मेरी सोच में युवा शक्ति एक राष्ट्र शक्ति है। यह युवा शक्ति अगर जाग जाए तो देश का उज्वल भविष्य दूर नहीं। युवा शक्ति ही हमारा आशा स्थान है।


देश के उज्वल भविष्य के लिए यदि आप तन, मन से सोचते हैं, तो जनता की तरफ से हम भी आपसे कुछ अपेक्षाएं रखते हैं। 1857 से 1947 तक के नब्बे सालों में लाखों शहीदों की कुर्बानी के बाद सन 1947 में देश को आज़ादी मिली, 1949 में हमारा संविधान डॉ. बाबासाहब आंबेडकरजी ने संसद को अर्पण किया। 26 जनवरी 1950 को देश प्रजासत्ताक हो गया। इस देश की मालिक प्रजा बन गई। मतलब, सरकारी तिजोरी में जमा होने वाला पैसा जनता का है। हम सब कहने लगे कि हमारे देश में जनतंत्र आ गया। जनतंत्र के माने जनता ने, जनता के लिये, जन सहभाग से चलाया हुआ जो तंत्र वह है जनतंत्र। देश में जनतंत्र को आ कर 63 साल बीत चुके हैं। लेकिन देश की हर व्यक्ति मानो आज कह रही है कि कहा है वह जनतंत्र? उस जनतंत्र पर पक्ष और पार्टी तंत्र का अतिक्रमण हुआ है।


देश में पार्टी तंत्र के द्वारा जनतंत्र पर किए गए अतिक्रमण के कारण आज उस जनतंत्र का पक्ष पार्टी तंत्र, सरकार तंत्र, अधिकारी तंत्र बन गया है। जनता ने जनता के लिए जन सहभाग से चलाया जा रहा जनतंत्र कहीं भी नहीं रहा। जनतंत्र नेस्तनाबूद हो गया है। संविधान में कहीं पर भी ऐसा नहीं कहा है कि पार्टी तंत्र आ जाए और जनतंत्र को पार्टी तंत्र से दबा दिया जाए या नेस्तनाबूद किया जाए। देश और देश की जनता का भविष्य बनाना अगर आप चाहते हैं, तो मेरी सोच में, जनता ने जनता के लिए जन सहभाग से चलाया तंत्र- जनतंत्र को मज़बूत करने से ही देश का भविष्य बदलेगा।


आज पक्ष पार्टी तंत्र के कारण पार्टियों में सत्ता, संपत्ति को हथियाने की होड सी लगी है। कोई भी पार्टी यह नहीं सोचती कि, जिस उम्मीदवार को पार्टी का टिकट दिया जा रहा है वह चारित्र्यशील हो। चारित्र्यशील उम्मीदवार यदि संसद में जाएं, तो समाज और देश की भलाई में अच्छे कानून बनवाएं। कई पक्ष और पार्टियॉं भ्रष्टाचारी, लुटारू, गुंडा, व्यभिचारी लोगों को उम्मीदवारी देती हैं। सत्ता में आने के लिये कुछ भी करना पडे। यह जानते हुए कि वह भ्रष्टाचारी है, गुंडा है लेकिन उसके पीछे मतों का गठ्ठा है, इस लिए उन को टिकट देती हैं। नतीजतन विधानसभा और लोकसभा जो लोकशाही के पवित्र मंदिर हैं, वहॉं गुनाहगार उम्मीदवार भी भेजे जाते हैं।


ऐसे दागी उम्मीदवारों के संसद में जाने से समाज और देश में परिवर्तन लाने वाले सशक्त कानून नहीं बन पाते हैं। सही जनतंत्र आने के लिये किसी भी गांव, मोहल्ला, वार्ड सभा की कोई भी जमीन, जंगल, पानी केंद्र सरकार या राज्य सरकारों को यदि लेनी है, तो ग्रामसभा, वार्डसभा, मोहल्ला सभा की अनुमति के बिना नहीं ली जायेगी, ऐसे सशक्त कानून बनवाने होंगे। सत्ता जो मंत्रालयों में केंद्रित हुई है, उसका विकेंद्रीकरण कर जनता की ग्राम सभा, वार्ड सभा, मोहल्ला सभा को अधिकार देना जरूरी है। तब सही जनतंत्र आ सकता है।


गांव, वार्ड, मोहल्ला के विकास के लिये जो पैसा आता है उसे खर्च करते समय ग्रामसभा, मोहल्ला सभा, वार्ड सभा की जनता की अनुमति ले कर ही खर्च किया जाना चाहिए। जो पैसा खर्चा हुआ है, उसका हिसाब हर दो माह में जनता को दिया जाना चाहिए। जो अधिकारी हिसाब नहीं देंगे उनको जनता नौकरी से हटा पायेगी, ऐसे सशक्त कानून बनने से जनतंत्र आयेगा। आज संसद में बैठे हुए कुछ सांसद संविधान का पालन नहीं करते हैं। संविधान कहता है, जाति, पांति का भेद ना रहे, गरीब-अमीर का फासला ना बढे, प्रकृति-मानवता का शोषण ना हो, दलित, आदिवासी, घुमंतू, मछुआरे, पिछडे वर्ग के लोग, अल्पसंख्यांक, इन के बेहतर जीवन के लिये योजनाएं बनाई जाय। आज संसद में बैठे हुए लोग ही संविधान का पालन नहीं करते हैं। ऐसी स्थिति में जन संसद को अधिकार हो कि जनसंसद, संसद को बरखास्त करे। दिल्ली की संसद, राज्य की संसद जनसंसद ने बनवाई है, इस लिये जन संसद का स्थान राज्य और केंद्र की संसद से बहुत ऊंचा है। जनसंसद सर्वोच्च स्थान पर है।


लेकिन पक्ष और पार्टी तंत्र से जनसंसद पर जो अतिक्रमण हुआ है, इस कारण जनसंसद को दिल्ली की संसद को भंग करने का अधिकार होते हुए भी जनसंसद उसका अमल नहीं कर पा रही है। जनशक्ति अपनी शक्ति को ही भूल गई है। देश की पूरी जनसंसद अगर संगठित हो जाए तो देश के भ्रष्टाचारी, गुंडा, लुटारू, व्यभिचारी सरकारों को जनसंसद हटा सकती है। लेकिन आज जनसंसद अपने अधिकारों से अनभिज्ञ होने के कारण संगठित नहीं हो पा रही है। सत्तासीन कॉंग्रेस पक्ष के उपाध्यक्ष होने के कारण क्या आप ऐसे कानून बना सकते हैं कि जनसंसद ने संसद के लिये जिन सेवकों को चुन कर सेवा करने के लिये भेजा है, वह सेवक संसद में यदि ठीक से सेवा नहीं करता पाया जाता है, तो ऐसे सेवक को जनसंसद वापिस बुला सकती है? पक्ष पार्टी ने अगर गुंडा, भ्रष्ट, लुटारू, व्यभिचारी उम्मीदवार को टिकट दिया हो तो उनको नकारने का, रिजेक्ट करने का जनता को अधिकार हो (राईट टू रिजेक्ट)? जनता के लिये मत पत्र में यदि आखरी चिह्न नकार का हो तो जनता ऐसे भ्रष्ट, गुंडा, लुटारू लोगों को संसद में जाने से रोक सकती है।


देश और जनता की भलाई के लिये कई बातें करनी होगी। लेकिन जनतंत्र और जनसंसद मजबूत करने का काम हो गया तो देश में सुधार आएगा। सिर्फ पक्ष और पार्टी के मजबूत होने से देश मजबूत नहीं होगा। जनसंसद और जनतंत्र के मजबूत होने से देश और जनता मजबूत होगी।


संविधान में पक्ष और पार्टी तंत्र का कहीं पर भी जिक्र ना होते हुए भी पक्ष और पार्टी तंत्र से जनतंत्र और जनसंसद मजबूत होगी ऐसा जनता ने भरोसा किया था। लेकिन पक्ष और पार्टियॉं जनतंत्र या जनसंसद की मजबूती की चिंता करने के बजाय सिर्फ अपने अपने पक्ष और पार्टी की मजबूती करने में जुट गई। इस कारण जनतंत्र और जनसंसद पर पक्ष और पार्टी तंत्र हावी हो गया। पक्ष पार्टी मजबूत हो गई और जनतंत्र कमजोर हुआ।


हम लोगों ने जनतंत्र मजबूत हो, जनसंसद मजबूत हो इसलिये देश की जनता को शिक्षित कर के संगठित करने का प्रयास शुरू किया है। देश भर में घूम घूम कर हम जनता को जगायेंगे, संगठित करेंगे। जनतंत्र में जनता के इस देश की मालिक होते हुए भी पार्टीतंत्र के अतिक्रमण के कारण जनता को गुलाम बनाया गया है और जो जनप्रतिनिधि और अधिकारी जनता के सेवक हैं, वे मालिक बन गए हैं इन बातों के प्रति जनता में अब जागृति आ रही है इस बात का हमें विश्वास हो चला है।


महसूस होता है कि जनता के जागृत हो जाने पर जनतंत्र और जनसंसद मजबूत होगी। जनतंत्र और जनसंसद मजबुत होने पर भ्रष्टाचारी, गुंडा, लुटारू, व्यभिचारी सरकारों को जनता अपने मतों के आधार पर उखाड फेंक देगी और अपने चारित्र्यशील उम्मीदवारों को संसद में भेजेगी। और केवल चारित्र्यशील उम्मीदवार अगर संसद में गये तो संसद अच्छे अच्छे सशक्त कानून बना पायेगी और सही लोकतंत्र, लोकशाही, जनतंत्र देश में आएगा। कई कानूनों में सुधार होगा, अंग्रेजों के बने कुछ निकम्मे कानूनों को खत्म कर दिया जाएगा और जनतंत्र के अनुरूप जनसंसद कानून बनाएगी। जनता ने जनता के लिये जन सहभाग से चलाया जा रहा जनतंत्र देश में आयेगा।


इस काम के लिये कुछ समय लग सकता है। लोग जितने जाग जाएंगे, संगठित हो जाएंगे, उतनी जल्दी देश में जनतंत्र आनेमें सफलता मिलेगी। इन सभी बातों में एक पक्ष के उपाध्यक्ष होने के नाते और सत्ता में होने के नाते आप क्या योगदान कर सकते हैं, यह जानने की इच्छा रखता हूं।


भवदीय, 


(कि.बा. उपनाम अण्णा हजारे)


प्रति-


मा. डॉ. मनमोहन सिंह जी, पंथप्रधान, भारत सरकार, नई दिल्ली,

श्रीमती सोनिया गांधीजी, अध्यक्ष राष्ट्रीय कॉग्रेस पार्टी, नई दिल्ली

स्थल:- राळेगण सिध्दी,

दिनांक:- 22 अप्रैल 2013