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भ्रष्टाचार के खिलाफ भारत समर्थक
अन्ना के संगठन में स्वच्छ छवि वालों को तरजीह
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उन्होंने कहा कि अन्ना टीम के संगठन का आगाज हिमाचल से होगा। अन्ना हजारे टीम का लक्ष्य देश में जनता का असली राज लाना है। अन्ना हजारे के आंदोलनों के दौरान सभी पार्टियों के बड़े राजनीतिज्ञों को उनके बैनर तले आने का निमंत्रण दिया जाता है लेकिन संगठन में गैर राजनीतिक लोगों को ही महत्व दिया जाएगा। हर पंचायत से दस से 15 सदस्यों की टीम तैयार की जाएगी। हिमाचल में भी भ्रष्टाचार ने पांव पसार लिए हैं। जनता को इसे जड़ से उखाड़ फेंकना होगा। उन्होंने राज्यस्तरीय सम्मेलन को सफल करार दिया। वहीं, अन्ना टीम के सदस्य मनीष सिसोदिया ने कहा कि कार्यकर्ताओं को आने वाले समय में चुनौतियों का डटकर सामना करना है ताकि देश व प्रदेश बढ़ती महंगाई, भ्रष्टाचार, भुखमरी, गरीबी आदि को जड़ से उखाड़ फेंका जा सके। इस अवसर पर हिमाचल में टीम अन्ना के सदस्य एवं समाजसेवी देशराज शर्मा व अन्य जिलों से आए कार्यकर्ता उपस्थित थे।
पाँच साल में अरबपति हो गईं मायावती
बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती भले ही उत्तर प्रदेश चुनाव में हार गई हों मगर उनके कार्यकाल में उनकी संपत्ति दो गुनी हो चुकी है और अब वह अरबपति हो गई हैं.
राज्य में चुनाव हारने के बाद मायावती अगले पाँच साल केंद्र की सियासत करना चाहती हैं और अब उन्होंने राज्य सभा का पर्चा भरा है.
उम्मीदवारी की इस प्रक्रिया में उन्होंने अपनी संपत्ति का ब्यौरा दिया है और उसी में ये बात सामने आई है कि पिछले पाँच वर्षों में उनकी संपत्ति बढ़कर 111 करोड़ हो चुकी है.
इस ब्यौरे से पता चलता है कि मायावती की अचल संपत्ति लखनऊ और दिल्ली दोनों जगह है. इन दोनों ही जगहों पर उनके पास रिहायशी और व्यावसायिक इमारतें हैं.
इसके अलावा उनके बैंक में नकद राशि है और साथ ही सोने और हीरे जवाहरात भी हैं जिनकी कुल कीमत 111 करोड़ 64 लाख रुपए है.
जब वह 2010 में विधान परिषद के चुनाव में उतरी थीं तब उनकी संपत्ति लगभग 88 करोड़ थी और उससे पहले 2007 में वो 52.27 करोड़ थी.
किलो भर सोना
उनके कई बैंकों में कुल 13 करोड़ 95 लाख रुपए हैं जबकि उनके दिए ब्यौरे के अनुसार उनके पास 10 लाख 20 हज़ार रुपए नक़द हैं.
उनके पास आभूषण के रूप में एक किलो से ज़्यादा सोना है और 380.17 कैरेट के हीरे हैं जिनकी क़ीमत 96 लाख 53 हज़ार रुपए है.
इतना ही नहीं उनके पास 5390 रुपए की एक रिवॉल्वर भी है.
मायावती के पास दिल्ली के कनॉट प्लेस में दो व्यावसायिक इमारतें हैं जिनकी कुल क़ीमत लगभग 20 करोड़ रुपए होगी.
इसके अलावा उनके पास दिल्ली और लखनऊ में एक-एक कोठी भी है. इसमें दिल्ली की कोठी 61 करोड़ 86 लाख की और लखनऊ में मॉल एवेन्यू वाली 15 करोड़ 68 लाख की है.
मायावती ने जो ब्यौरा दिया है उसके मुताबिक़ उनके पास कोई कृषि योग्य ज़मीन नहीं है और न ही किसी गाड़ी का ज़िक्र है.
SEND THIS POST TO YOUR FACEBOOK FRIENDS/GROUPS/PAGESराज्य में चुनाव हारने के बाद मायावती अगले पाँच साल केंद्र की सियासत करना चाहती हैं और अब उन्होंने राज्य सभा का पर्चा भरा है.
उम्मीदवारी की इस प्रक्रिया में उन्होंने अपनी संपत्ति का ब्यौरा दिया है और उसी में ये बात सामने आई है कि पिछले पाँच वर्षों में उनकी संपत्ति बढ़कर 111 करोड़ हो चुकी है.
इस ब्यौरे से पता चलता है कि मायावती की अचल संपत्ति लखनऊ और दिल्ली दोनों जगह है. इन दोनों ही जगहों पर उनके पास रिहायशी और व्यावसायिक इमारतें हैं.
इसके अलावा उनके बैंक में नकद राशि है और साथ ही सोने और हीरे जवाहरात भी हैं जिनकी कुल कीमत 111 करोड़ 64 लाख रुपए है.
जब वह 2010 में विधान परिषद के चुनाव में उतरी थीं तब उनकी संपत्ति लगभग 88 करोड़ थी और उससे पहले 2007 में वो 52.27 करोड़ थी.
किलो भर सोना
उनके कई बैंकों में कुल 13 करोड़ 95 लाख रुपए हैं जबकि उनके दिए ब्यौरे के अनुसार उनके पास 10 लाख 20 हज़ार रुपए नक़द हैं.
उनके पास आभूषण के रूप में एक किलो से ज़्यादा सोना है और 380.17 कैरेट के हीरे हैं जिनकी क़ीमत 96 लाख 53 हज़ार रुपए है.
इतना ही नहीं उनके पास 5390 रुपए की एक रिवॉल्वर भी है.
मायावती के पास दिल्ली के कनॉट प्लेस में दो व्यावसायिक इमारतें हैं जिनकी कुल क़ीमत लगभग 20 करोड़ रुपए होगी.
इसके अलावा उनके पास दिल्ली और लखनऊ में एक-एक कोठी भी है. इसमें दिल्ली की कोठी 61 करोड़ 86 लाख की और लखनऊ में मॉल एवेन्यू वाली 15 करोड़ 68 लाख की है.
मायावती ने जो ब्यौरा दिया है उसके मुताबिक़ उनके पास कोई कृषि योग्य ज़मीन नहीं है और न ही किसी गाड़ी का ज़िक्र है.
झुकी एमपी सरकार सीबीआई जांच के आदेश
मध्य प्रदेश में एक भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी नरेंद्र कुमार की हत्या की जांच सीबीआई को सौंप दी गयी है.
यह घोषणा राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की है.
उल्लेखनीय है कि इस हत्या के विरोध में मंगलवार को कांग्रेस ने राज्यव्यापी बंद का आयोजन किया है.
टीम अन्ना भी इस बंद का समर्थन कर रही है और वह तीन दिनों तक शहीद आईपीएस नरेंद्र कुमार की पत्नी को न्याय दिलाने के लिए धरने पर बैठ रही है.
यह बंद आधे दिन का है और इससे स्वास्थ्य, शिक्षण और परिवहन सेवा को दूर रखा गया है.
राज्य में बढ़ते अवैध खनन, माफियाराज सहित अपराधों को मुद्दा बनाने वाली कांग्रेस का आरोप है कि राज्य में सरकार के संरक्षण में अवैध उत्खनन का काम चल रहा है.
माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे अफसरों को भी निशाना बना रहे हैं.
मुरैना में तैनात आईपीएस अधिकारी नरेंद्र कुमार की हत्या इसका प्रमाण है.
कांग्रेस का बंद दोपहर तीन बजे तक ही रहेगा, साथ ही इससे स्वास्थ्य, शिक्षा और परिवहन सेवा को दूर रखा गया है ताकि किसी को परेशानी न हो.
बंद का सुबह से ही मिला-जुला असर नजर आ रहा है.
कांग्रेस कार्यकर्ताओं की टोलियां सड़कों पर घूम रही है.
पुलिस का अभियान
इस बीच ग्वालियर पुलिस ने जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन को रोकने के लिये एक बड़ा अभियान शुरु किया है. अभियान के तहत घाटीगांव एवं मोहना थानों के तहत उन 37 गांवों में धारा 144 लागू कर दी गई है जहां से अवैध उत्खनन की शिकायतें मिली हैं.
जिला कलेक्टर पी नरहरि ने बताया कि संबंधित क्षेत्र के लगभग दो हजार लाइसेंस धारियों को अपने हथियार एक सप्ताह में संबंधित थाना क्षेत्र में जमा करने के निर्देश दिये गये हैं. पिछले दिनों अवैध उत्खनन में लगे लोगों द्वारा पुलिस पर हमलों की घटनाओं को देखते हुए यह कदम उठाया गया है.
उन्होने बताया कि मुरैना में खनिज माफिया द्वारा एक युवा आईपीएस अधिकारी की हत्या के परिपेक्ष्य में शुरु किये गये इस अभियान के तहत जिले में पत्थर भंडारण के एक दर्जन लाइसेंस भी निरस्त कर दिये गये हैं. साथ ही 24 लोगों की सूची बनायी गयी है जो अक्सर वन एवं पुलिस के लोगों पर हमला करते हैं.
उन्होने कहा कि इन सभी के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत जिला बदर की कार्रवाई की जायेगी.
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उल्लेखनीय है कि इस हत्या के विरोध में मंगलवार को कांग्रेस ने राज्यव्यापी बंद का आयोजन किया है.
टीम अन्ना भी इस बंद का समर्थन कर रही है और वह तीन दिनों तक शहीद आईपीएस नरेंद्र कुमार की पत्नी को न्याय दिलाने के लिए धरने पर बैठ रही है.
यह बंद आधे दिन का है और इससे स्वास्थ्य, शिक्षण और परिवहन सेवा को दूर रखा गया है.
राज्य में बढ़ते अवैध खनन, माफियाराज सहित अपराधों को मुद्दा बनाने वाली कांग्रेस का आरोप है कि राज्य में सरकार के संरक्षण में अवैध उत्खनन का काम चल रहा है.
माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे अफसरों को भी निशाना बना रहे हैं.
मुरैना में तैनात आईपीएस अधिकारी नरेंद्र कुमार की हत्या इसका प्रमाण है.
कांग्रेस का बंद दोपहर तीन बजे तक ही रहेगा, साथ ही इससे स्वास्थ्य, शिक्षा और परिवहन सेवा को दूर रखा गया है ताकि किसी को परेशानी न हो.
बंद का सुबह से ही मिला-जुला असर नजर आ रहा है.
कांग्रेस कार्यकर्ताओं की टोलियां सड़कों पर घूम रही है.
पुलिस का अभियान
इस बीच ग्वालियर पुलिस ने जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन को रोकने के लिये एक बड़ा अभियान शुरु किया है. अभियान के तहत घाटीगांव एवं मोहना थानों के तहत उन 37 गांवों में धारा 144 लागू कर दी गई है जहां से अवैध उत्खनन की शिकायतें मिली हैं.
जिला कलेक्टर पी नरहरि ने बताया कि संबंधित क्षेत्र के लगभग दो हजार लाइसेंस धारियों को अपने हथियार एक सप्ताह में संबंधित थाना क्षेत्र में जमा करने के निर्देश दिये गये हैं. पिछले दिनों अवैध उत्खनन में लगे लोगों द्वारा पुलिस पर हमलों की घटनाओं को देखते हुए यह कदम उठाया गया है.
उन्होने बताया कि मुरैना में खनिज माफिया द्वारा एक युवा आईपीएस अधिकारी की हत्या के परिपेक्ष्य में शुरु किये गये इस अभियान के तहत जिले में पत्थर भंडारण के एक दर्जन लाइसेंस भी निरस्त कर दिये गये हैं. साथ ही 24 लोगों की सूची बनायी गयी है जो अक्सर वन एवं पुलिस के लोगों पर हमला करते हैं.
उन्होने कहा कि इन सभी के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत जिला बदर की कार्रवाई की जायेगी.
सोनिया के पास 45 हजार करोड़ की संपत्ति!
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी दुनिया की चौथी सबसे दौलतमंद इंसान हैं। यह दावा किया है अमेरिका के एक मीडिया हाउस ने। इसका कहना है कि यूपीए अध्यक्ष के पास 10 हजार से 45 हजार करोड़ के बीच (2 से 19 अरब डॉलर) की संपत्ति है।
अमेरिकी वेबसाइट ' बिजनेस इनसाइडर ' ने दुनिया के सबसे रईस राजनेताओं की लिस्ट जारी की है। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष को चौथे नंबर पर रखा है। इस लिस्ट में हरियाणा की विधायक और जिंदल समूह की प्रमुख सावित्री जिंदल का नाम भी है। साइट के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष की संपत्ति यानी 10 हजार से 45 हजार करोड़ के बीच हो सकती है।
इससे पहले जर्मनी के अखबार 'डी वेल्ट' में भी इस बारे में खबर छपी थी। इस अखबार के वर्ल्ड्स लग्जरी गाइड सेक्शन में दुनिया के सबसे रईस 23 नेताओं की लिस्ट छापी गई थी। उसमें भी सोनिया गांधी चौथे स्थान पर हैं। 'बिजनेस इनसाइडर' ने वर्ल्ड्स लग्जरी गाइड का हवाला देते हुए लिस्ट छापी है। लेकिन सबसे नीचे यह भी लिखा गया है कि यह रिपोर्ट OpenSecrets.org, Forbes.com, Bloomberg.com, Wikipedia.org, Guardian.co.uk से मिली जानकारी के आधार पर तैयार की गई है।
लिस्ट में अहम नाम
1. अब्दुल्लाह बिन अब्दुल अजीज शाह, सऊदी अरब
2. हसनल बोलखेह सुल्तान, ब्रुनेई
3. माइकल ब्लूमबर्ग मेयर, न्यूयॉर्क
4. सोनिया गांधी
6. व्लादीमिर पुतिन
7. सावित्री जिंदल
19. आसिफ अली जरदारी
सोनिया गांधी से हाल ही में एक आरटीआई कार्यकर्ता ने उनके आयकर रिटर्न का ब्यौरा मांगा था, लेकिन उन्होंने इसे निजी जानकारी बता कर सार्वजनिक करने से मना कर दिया था। लेकिन 2009 के लोकसभा चुनाव में सोनिया गांधी ने अपनी कुल संपत्ति 1.38 करोड़ रुपये की बताई थी। ऐसे में अमेरिकी वेबसाइट पर दिया गया ब्यौरा जमीन-आसमान का अंतर दर्शाता है। इसलिए इस साइट पर कांग्रेस या सोनिया की ओर से प्रतिक्रिया का इंतजार है और संभावना यह भी है कि सोनिया वेबसाइट के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करें।
SEND THIS POST TO YOUR FACEBOOK FRIENDS/GROUPS/PAGESअमेरिकी वेबसाइट ' बिजनेस इनसाइडर ' ने दुनिया के सबसे रईस राजनेताओं की लिस्ट जारी की है। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष को चौथे नंबर पर रखा है। इस लिस्ट में हरियाणा की विधायक और जिंदल समूह की प्रमुख सावित्री जिंदल का नाम भी है। साइट के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष की संपत्ति यानी 10 हजार से 45 हजार करोड़ के बीच हो सकती है।
इससे पहले जर्मनी के अखबार 'डी वेल्ट' में भी इस बारे में खबर छपी थी। इस अखबार के वर्ल्ड्स लग्जरी गाइड सेक्शन में दुनिया के सबसे रईस 23 नेताओं की लिस्ट छापी गई थी। उसमें भी सोनिया गांधी चौथे स्थान पर हैं। 'बिजनेस इनसाइडर' ने वर्ल्ड्स लग्जरी गाइड का हवाला देते हुए लिस्ट छापी है। लेकिन सबसे नीचे यह भी लिखा गया है कि यह रिपोर्ट OpenSecrets.org, Forbes.com, Bloomberg.com, Wikipedia.org, Guardian.co.uk से मिली जानकारी के आधार पर तैयार की गई है।
लिस्ट में अहम नाम
1. अब्दुल्लाह बिन अब्दुल अजीज शाह, सऊदी अरब
2. हसनल बोलखेह सुल्तान, ब्रुनेई
3. माइकल ब्लूमबर्ग मेयर, न्यूयॉर्क
4. सोनिया गांधी
6. व्लादीमिर पुतिन
7. सावित्री जिंदल
19. आसिफ अली जरदारी
सोनिया गांधी से हाल ही में एक आरटीआई कार्यकर्ता ने उनके आयकर रिटर्न का ब्यौरा मांगा था, लेकिन उन्होंने इसे निजी जानकारी बता कर सार्वजनिक करने से मना कर दिया था। लेकिन 2009 के लोकसभा चुनाव में सोनिया गांधी ने अपनी कुल संपत्ति 1.38 करोड़ रुपये की बताई थी। ऐसे में अमेरिकी वेबसाइट पर दिया गया ब्यौरा जमीन-आसमान का अंतर दर्शाता है। इसलिए इस साइट पर कांग्रेस या सोनिया की ओर से प्रतिक्रिया का इंतजार है और संभावना यह भी है कि सोनिया वेबसाइट के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करें।
लोकपाल पर संसद में जोरदार हंगामा
नई दिल्ली : संसद के बजट सत्र में लोकपाल विधेयक और एनसीटीसी को लेकर पूरा विपक्ष एकजुट हो गया है और इस पर सरकार से आर-पार करने के मूड में है।
भाजपा ने आज राज्यसभा में प्रश्नकाल स्थगित कर लोकपाल विधेयक पर चर्चा कराने के लिए नोटिस दिया है। पार्टी दोनों सदनों में एनसीटीसी, आरपीएफ अधिनियम के गठन के माध्यम से देश के संघीय ढांचे पर प्रहार के मुद्दे और श्रीलंका में तमिलों की स्थिति पर भी सरकार को घेरने की रणनीति तैयार कर रही है। राज्यसभा में विपक्ष के नेता एस एस आहलुवालिया ने कहा कि सदन में विपक्ष के नेता अरूण जेटली ने प्रश्नकाल स्थगित कर लोकपाल विधेयक पर चर्चा कराने के लिए नोटिस दिया है। मुख्य विपक्षी पार्टी मांग कर रही है कि संसद के विस्तारित शीतकालीन सत्र के दौरान 20 दिसंबर को 12 बजे जहां से लोकपाल पर चर्चा अधूरी रह गई थी, उस पर चर्चा आगे बढ़ायी जाए।
द्रमुक, अन्नाद्रमुक और वामदलों ने श्रीलंकाई तमिलों की प्रताड़ना के मुद्दे पर चर्चा के लिए अलग से प्रश्नकाल स्थगित कर चर्चा कराने का नोटिस दिया है। यह दल जानना चाहते हैं कि क्या भारत संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका समर्थित उस प्रस्ताव का समर्थन करेगा जिसमें श्रीलंका में लिट्टे के खिलाफ युद्ध के अंतिम चरण में तमिलों को प्रताड़ित किये जाने के मुद्दे पर वहां की सरकार को घेरे में रखा गया है।
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा में भाजपा की ओर से एनसीटीसी और नेशनल इंटेलीजेंस ग्रिड (एनआईजी) पर संशोधन पेश किया जाएगा। पार्टी ने आरोप लगाया कि एनसीटीसी और एनआईजी के गठन के दौरान राज्य सरकारों को विश्वास में नहीं लिया गया और इन्हें कुछ ऐसे अधिकार दिये गए जो देश के संघीय ढांचे का उल्लंघन करते हैं। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा की शुरूआत लोकसभा में भाजपा की ओर से राजनाथ सिंह जबकि राज्यसभा में एम वेंकैया नायडु करेंगे।
मालूम हो कि लोकपाल विधेयक लोकसभा में शीतकालीन सत्र के दौरान ही पारित हो गया था, लेकिन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की संख्या कम होने के कारण राज्यसभा में पारित नहीं हो सका था। जबकि एनसीटीसी मुद्दे पर राज्यों के विरोध के बाद इसपर संसद में सरकार के टकराव होना तय माना जा रहा है। बजट सत्र में किसी भी टकराव को टालने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने घर को मजबूत करने की रणनीति के तहत यूपीए के घटक दलों को आज रात्रि भोज पर बुलाया है जहां इस संकट से निपटने के लिए मंत्रणा की जाएगी। इस मंत्रणा के बाद जरूरत पड़ी तो सरकार सर्वदलीय बैठक भी बुला सकती है।
बजट सत्र में लोकपाल के अलावा विचार करने और पारित कराने के लिए अन्य कई विधेयक पंक्ति में हैं, जिनमें भूमि अधिग्रहण विधेयक, शिकायत निवारण विधेयक, व्हिसिल ब्लोअर संरक्षण विधेयक, परमाणु सुरक्षा नियामक प्राधिकरण विधेयक, पेंशन कोष नियामक प्राधिकरण विधेयक, न्यायाधीश उत्तरदायित्व विधेयक, महिला आरक्षण विधेयक एवं बीज विधेयक प्रमुख हैं।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल ने संवाददाताओं से कहा कि सदन पटल पर रखने के लिए सरकार के पास 30 नए विधेयक और विचार तथा पारित कराने के लिए 39 विधेयक हैं। इसी सत्र में 16 मार्च को वर्ष 2012-2013 के लिए आम बजट पेश किया जाएगा। इसी सत्र के दौरान वित्त विधेयक 2012 पेश होगा, उस पर विचार किया जाएगा और उसे पारित कराया जाएगा।
लोकसभा में वर्ष 2012-2013 के लिए रेल बजट 14 मार्च को पेश किया जाएगा, जिसके बाद 15 मार्च को आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि 22 मई तक चलने वाले इस सत्र में कुल 35 बैठकें होंगी।
SEND THIS POST TO YOUR FACEBOOK FRIENDS/GROUPS/PAGESभाजपा ने आज राज्यसभा में प्रश्नकाल स्थगित कर लोकपाल विधेयक पर चर्चा कराने के लिए नोटिस दिया है। पार्टी दोनों सदनों में एनसीटीसी, आरपीएफ अधिनियम के गठन के माध्यम से देश के संघीय ढांचे पर प्रहार के मुद्दे और श्रीलंका में तमिलों की स्थिति पर भी सरकार को घेरने की रणनीति तैयार कर रही है। राज्यसभा में विपक्ष के नेता एस एस आहलुवालिया ने कहा कि सदन में विपक्ष के नेता अरूण जेटली ने प्रश्नकाल स्थगित कर लोकपाल विधेयक पर चर्चा कराने के लिए नोटिस दिया है। मुख्य विपक्षी पार्टी मांग कर रही है कि संसद के विस्तारित शीतकालीन सत्र के दौरान 20 दिसंबर को 12 बजे जहां से लोकपाल पर चर्चा अधूरी रह गई थी, उस पर चर्चा आगे बढ़ायी जाए।
द्रमुक, अन्नाद्रमुक और वामदलों ने श्रीलंकाई तमिलों की प्रताड़ना के मुद्दे पर चर्चा के लिए अलग से प्रश्नकाल स्थगित कर चर्चा कराने का नोटिस दिया है। यह दल जानना चाहते हैं कि क्या भारत संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका समर्थित उस प्रस्ताव का समर्थन करेगा जिसमें श्रीलंका में लिट्टे के खिलाफ युद्ध के अंतिम चरण में तमिलों को प्रताड़ित किये जाने के मुद्दे पर वहां की सरकार को घेरे में रखा गया है।
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा में भाजपा की ओर से एनसीटीसी और नेशनल इंटेलीजेंस ग्रिड (एनआईजी) पर संशोधन पेश किया जाएगा। पार्टी ने आरोप लगाया कि एनसीटीसी और एनआईजी के गठन के दौरान राज्य सरकारों को विश्वास में नहीं लिया गया और इन्हें कुछ ऐसे अधिकार दिये गए जो देश के संघीय ढांचे का उल्लंघन करते हैं। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा की शुरूआत लोकसभा में भाजपा की ओर से राजनाथ सिंह जबकि राज्यसभा में एम वेंकैया नायडु करेंगे।
मालूम हो कि लोकपाल विधेयक लोकसभा में शीतकालीन सत्र के दौरान ही पारित हो गया था, लेकिन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की संख्या कम होने के कारण राज्यसभा में पारित नहीं हो सका था। जबकि एनसीटीसी मुद्दे पर राज्यों के विरोध के बाद इसपर संसद में सरकार के टकराव होना तय माना जा रहा है। बजट सत्र में किसी भी टकराव को टालने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने घर को मजबूत करने की रणनीति के तहत यूपीए के घटक दलों को आज रात्रि भोज पर बुलाया है जहां इस संकट से निपटने के लिए मंत्रणा की जाएगी। इस मंत्रणा के बाद जरूरत पड़ी तो सरकार सर्वदलीय बैठक भी बुला सकती है।
बजट सत्र में लोकपाल के अलावा विचार करने और पारित कराने के लिए अन्य कई विधेयक पंक्ति में हैं, जिनमें भूमि अधिग्रहण विधेयक, शिकायत निवारण विधेयक, व्हिसिल ब्लोअर संरक्षण विधेयक, परमाणु सुरक्षा नियामक प्राधिकरण विधेयक, पेंशन कोष नियामक प्राधिकरण विधेयक, न्यायाधीश उत्तरदायित्व विधेयक, महिला आरक्षण विधेयक एवं बीज विधेयक प्रमुख हैं।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल ने संवाददाताओं से कहा कि सदन पटल पर रखने के लिए सरकार के पास 30 नए विधेयक और विचार तथा पारित कराने के लिए 39 विधेयक हैं। इसी सत्र में 16 मार्च को वर्ष 2012-2013 के लिए आम बजट पेश किया जाएगा। इसी सत्र के दौरान वित्त विधेयक 2012 पेश होगा, उस पर विचार किया जाएगा और उसे पारित कराया जाएगा।
लोकसभा में वर्ष 2012-2013 के लिए रेल बजट 14 मार्च को पेश किया जाएगा, जिसके बाद 15 मार्च को आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि 22 मई तक चलने वाले इस सत्र में कुल 35 बैठकें होंगी।
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