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भ्रष्टाचार के खिलाफ भारत समर्थक
अन्ना ने केजरीवाल को भेजा शुभकामना संदेश
अरविंद केजरीवाल के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे दिल्ली नहीं जा रहे हैं। उन्होंने अरविंद केजरीवाल को एक मेल भेज कर शुभकामनाएं दी हैं। अन्ना ने अपनी सेहत का हवाला देते हुए शपथ ने न जा पाने में असमर्थता जताई है। केजरीवाल जिस रामलीला मैदान में शपथ लेंगे उसी रामलीला मैदान में अन्ना ने साल 2011 में जनलोकपाल के लिए 12 दिन का उपवास रखा था। उस समय केजरीवाल उनके करीबी सहयोगी हुआ करते थे।
28 दिसंबर को शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए दिल्ली जाने के सवाल पर हजारे ने कहा, 'मैं अभी कुछ नहीं कह सकता। मेरा स्वास्थ्य ठीक नहीं है। अन्ना में मेल भेज कर केजरीवाल को शुभकामनाएं दी हैं।अन्ना ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि केजरीवाल अच्छा काम करेंगे।
केजरीवाल ने अन्ना द्वारा शुभकामनाएं भेजने पर कहा कि, "अन्ना हमारे माननीय रहे हैं और उनकी शुभकामनाएं सर आंखों पर है।"
अरविंद केजरीवाल के कहने पर दिल्ली सरकार के सामान्य प्रशासन की ओर से अन्ना हजारे को शपथ ग्रहण समारोह का निमंत्रण भेजा गया है।
सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक केजरीवाल की तरफ से 4 लोगों को निमंत्रण भेजने के लिए कहा गया था। इनमें उनकी पूर्व सहयोगी डॉ़ किरण बेदी, एडमिरल रामदास व कर्नाटक के पूर्व लोकायुक्त जस्टिस संतोष हेगड़े भी शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक इन सभी को निमंत्रण भेज दिया गया है।
28 दिसंबर को शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए दिल्ली जाने के सवाल पर हजारे ने कहा, 'मैं अभी कुछ नहीं कह सकता। मेरा स्वास्थ्य ठीक नहीं है। अन्ना में मेल भेज कर केजरीवाल को शुभकामनाएं दी हैं।अन्ना ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि केजरीवाल अच्छा काम करेंगे।
केजरीवाल ने अन्ना द्वारा शुभकामनाएं भेजने पर कहा कि, "अन्ना हमारे माननीय रहे हैं और उनकी शुभकामनाएं सर आंखों पर है।"
अरविंद केजरीवाल के कहने पर दिल्ली सरकार के सामान्य प्रशासन की ओर से अन्ना हजारे को शपथ ग्रहण समारोह का निमंत्रण भेजा गया है।
सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक केजरीवाल की तरफ से 4 लोगों को निमंत्रण भेजने के लिए कहा गया था। इनमें उनकी पूर्व सहयोगी डॉ़ किरण बेदी, एडमिरल रामदास व कर्नाटक के पूर्व लोकायुक्त जस्टिस संतोष हेगड़े भी शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक इन सभी को निमंत्रण भेज दिया गया है।
केजरीवाल के शपथ समारोह में आएंगे अन्ना हजारे
समाजसेवी अन्ना हजारे ने आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविन्द केजरीवाल के मुख्यमंत्री पद के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने की संभावना जतायी है।
अन्ना हजारे ने अपने गांव महाराष्ट्र के रालेगण सिद्धि में संवाददाताओं के सवाल के जवाब में कहा कि अगर उनकी तबीयत ठीक रही तो वह केजरीवाल के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि अभी उनकी तबीयत ठीक नहीं है।
आप विधायक दल के नेता अरविंद केजरीवाल 28 दिसंबर को रामलीला मैदान में दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं। केजरीवाल के साथ कुछ कैबिनेट मंत्री भी शपथ लेंगे। इस शपथ ग्रहण समारोह का न्यौता अन्ना हजारे के अलावा पूर्वपुलिस अधिकारी किरण बेदी और न्यायमूर्ति संतोष हेगडे को भी भेजा जाने वाला है। पार्टी के नेता कुमार विश्वास ने बताया कि दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग ने पार्टी से उन लोगों की सूची मांगी थी। जिन्हें आधिकारिक तौर पर न्यौता भेजा जाना है और पार्टी की ओर से अन्ना हजारे, किरण बेदी और न्यायमूर्ति संतोष हेगडे का नाम दिया गया है।
अन्ना हजारे ने अपने गांव महाराष्ट्र के रालेगण सिद्धि में संवाददाताओं के सवाल के जवाब में कहा कि अगर उनकी तबीयत ठीक रही तो वह केजरीवाल के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि अभी उनकी तबीयत ठीक नहीं है।
आप विधायक दल के नेता अरविंद केजरीवाल 28 दिसंबर को रामलीला मैदान में दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं। केजरीवाल के साथ कुछ कैबिनेट मंत्री भी शपथ लेंगे। इस शपथ ग्रहण समारोह का न्यौता अन्ना हजारे के अलावा पूर्वपुलिस अधिकारी किरण बेदी और न्यायमूर्ति संतोष हेगडे को भी भेजा जाने वाला है। पार्टी के नेता कुमार विश्वास ने बताया कि दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग ने पार्टी से उन लोगों की सूची मांगी थी। जिन्हें आधिकारिक तौर पर न्यौता भेजा जाना है और पार्टी की ओर से अन्ना हजारे, किरण बेदी और न्यायमूर्ति संतोष हेगडे का नाम दिया गया है।
अरविंद केजरीवाल को मेरी शुभकामनाएं और आशीर्वाद: अन्ना
नई दिल्ली: दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बनाने की घोषणा के पहले अन्ना हजारे ने राज्य में सरकार बनाने के लिए केजरीवाल को शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद दे दिया है। सोमवार को केजरीवाल ने उप राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया।
'आप' के संयोजक अरविंद केजरीवाल हमेशा से ही अन्ना को अपना गुरु मानते हैं और उनसे चुनाव जीतने के लिए आशीर्वाद भी मांगा था जिसे अन्ना ने अस्वीकार कर दिया था। अन्ना ने केजरीवाल से उस समय दूरी बना ली थी, जब उन्होंने एक राजनीतिक पार्टी बनाने का फैसला किया था।
अन्ना हजारे ने दिल्ली चुनाव में शीला दीक्षित को हराकर चुनाव जीतने पर भी केजरीवाल को शुभकामनाएं दी थीं जिसके बाद से अन्ना और केजरीवाल के बीच चली आ रही मतभेद में कमी आ गई थी। अन्ना ने एक बार फिर दिल्ली की जनता की केजरीवाल के पक्ष में ज्यादा राय देखकर ही उन्हें शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद दिया है।
'आप' के संयोजक अरविंद केजरीवाल हमेशा से ही अन्ना को अपना गुरु मानते हैं और उनसे चुनाव जीतने के लिए आशीर्वाद भी मांगा था जिसे अन्ना ने अस्वीकार कर दिया था। अन्ना ने केजरीवाल से उस समय दूरी बना ली थी, जब उन्होंने एक राजनीतिक पार्टी बनाने का फैसला किया था।
अन्ना हजारे ने दिल्ली चुनाव में शीला दीक्षित को हराकर चुनाव जीतने पर भी केजरीवाल को शुभकामनाएं दी थीं जिसके बाद से अन्ना और केजरीवाल के बीच चली आ रही मतभेद में कमी आ गई थी। अन्ना ने एक बार फिर दिल्ली की जनता की केजरीवाल के पक्ष में ज्यादा राय देखकर ही उन्हें शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद दिया है।
अन्ना के आंदोलन ने लोकतंत्र के नए आयाम खोले हैं : राष्ट्रपति
संसद द्वारा लोकपाल विधेयक पारित किए जाने के एक दिन बाद राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि अन्ना हजारे ने जिस तरह का आन्दोलन किया, उस तरह के आन्दोलनों ने लोकतान्त्रिक ढाँचों के नए आयाम खोले हैं जिनकी अनदेखी नहीं की जा सकती।
राष्ट्रपति ने कहा कि महज 10 साल पहले कोई सामाजिक कार्यकर्ताओं, गैर-सरकारी संगठनों के बारे में सोचता तक नहीं था़। अब वे सिर्फ़ यही माँग नहीं करते कि लोगों के हित की रक्षा के लिए खास तरह का कानून लागू कीजिए बल्कि वे इस बात पर भी ज़ोर देते हैं कि आपको किस तरह का मॉडल या किस तरह का ढाँचा अपनाना है।
लोकपाल विधेयक पारित होने की ओर इशारा करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि हमें राजी होना पड़ता है। हम आज इसी तरह की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। गौरतलब है कि लोकपाल विधेयक के लिए अन्ना हजारे पिछले दो साल से भी ज़्यादा समय से अपना आन्दोलन चला रहे थे।
अन्ना हजारे के आन्दोलन के बाबत अपना अनुभव साझा करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि दो साल पहले जब यह आन्दोलन अपने चरम पर था तो प्रधानमन्त्री मनमोहन सिंह ने अन्ना से बातचीत करने के लिए गठित मन्त्री-समूह की अध्यक्षता करने को कहा था। प्रणब ने बताया कि वियतनाम दौरे के दौरान भी उनसे पूछा गया कि वह आन्दोलन से किस तरह निपटेंगे।
लोकपाल बिल को संसद की मंजूरी, 9 दिनों के बाद अन्ना हजारे ने तोड़ा अनशन
करप्शन के खिलाफ कड़े प्रावधानों वाले चार दशक से लटके लोकपाल बिल को संसद की मंजूरी मिल गई है। राज्यसभा से पास होने के बाद बुधवार को संशोधित बिल को लोकसभा ने ध्वनिमत से 30 मिनट में पास कर दिया। इसके साथ ही लोकसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। लोकपाल बिल को अब राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा और उनके हस्ताक्षर के बाद यह कानून बन जाएगा। लोकपाल और लोकायुक्त बिल 2011 दो साल से राज्यसभा में लटका हुआ था। राज्यसभा मंगलवार को कुछ संशोधनों के साथ इसे पारित कर चुकी थी, बुधवार को लोकसभा ने भी समाजवादी पार्टी के वॉकआउट के बीच इस पर अपनी मुहर लगा दी।
लोकसभा से बिल जैसे ही पास हुआ, सैकड़ों किलोमीटर दूर रालेगण सिद्धि में अनशन पर बैठे अन्ना हजारे खुशी से झूम उठे। उन्होंने मंच पर मौजूद किरण बेदी के साथ तिरंगा लहराकर खुशी का इजहार किया। अन्ना ने कहा कि इस बिल से भ्रष्टाचार पूरी तरह से खत्म नहीं होगा, लेकिन 40 से 50 प्रतिशत भ्रष्टाचार जरूर कम हो जाएगा। उन्होंने साथ ही कहा कि कानून बनने से भर से काम नहीं होगा, इस पर अमल भी जरूरी है। उन्होंने लोगों से हमेशा जागरूक रहने और वॉचडॉग की भूमिका निभाने की अपील की। लोकपाल बिल लोकसभा में पास होने के बाद अन्ना ने 10 दिसंबर से चला आ रहा अपना अनशन भी समाप्त कर दिया। अन्ना ने एक बच्ची के हाथों जूस पीकर अनशन तोड़ा।
संशोधित लोकपाल विधेयक को बुधवार सुबह लोकसभा में पेश किया गया। मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी और सत्तारूढ़ कांग्रेस ने जहां इसका पुरजोर समर्थन किया, वहीं राज्यसभा में इस बिल पर बहस के दौरान वॉकआउट करने वाली समाजवादी पार्टी ने निचले सदन में भी इस बिल का विरोध किया। नेता विपक्ष सुषमा स्वराज ने लोकपाल बिल का पूरा क्रेडिट अन्ना हजारे को दिया। उन्होंने कहा कि इस बिल का क्रेडिट लेने के लिए कांग्रेस में होड़ मची है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी इसमें शामिल हैं। लेकिन इसका पूरा श्रेय इसके लिए आंदोलन करने वाले अन्ना हजारे को जाता है, जो अनशन कर देश की आत्मा को बार-बार झकझोरते रहे।
लोकपाल बिल संसद से पास होने के बाद झूमे अन्ना
समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने बिल को देश पर 'कलंक' बताते हुए सदन से वॉकआउट का ऐलान किया। मुलायम बिल के विरोध में बोलते हुए सोनिया गांधी और स्पीकर मीरा कुमार से लेकर विपक्षी दलों तक इसे वापस लेने की गुहार लगाते रहे। उन्होंने बिल का समर्थन करने लिए बीजेपी के सदस्यों को खूब खरी-खोटी भी सुनाई।
क्या कहा मुलायम ने : 'यह लोकपाल बिल खतरनाक है। यह पूरे देश को चौपट कर देगा। इतना डर हो जाएगा कि कोई अधिकारी कहीं दस्तखत नहीं करेगा। गंभीर स्थिति पैदा हो जाएगी। सभी को डर लगा रहेगा कि दस्तखत कर दिए, तो लोकपाल के तहत एक दारोगा जांच करेगा। प्रधानमंत्री की जांच तक दारोगा करेगा। केवल कांग्रेस-बीजेपी ईमानदार है और बाकी बेईमान हैं, ऐसा साबित किया जा रहा है। देश में कर्मचारी डर के कारण काम नहीं करेगा। कोई भी क्लर्क दस्तखत नहीं करेगा और देश में अराजकता फैलेगी। हमारी 10 साल पीछे की जांच होगी। गलत दिमाग का कोई अधिकारी हमें फंसा सकता है। आज ऐसा लग रहा है कि विपक्ष सरकार का पिछलग्गू हो गया है। सोनिया जी से मेरा आग्रह कि आप इसे वापस लीजिए। देश के बंटवारे के लिए काम करने वालों की बातों में न आइए। स्पीकर महोदय आप भी इसे वापस ले सकती हैं। हम इस बिल का बहिष्कार करते हैं।'
क्या बोले राहुल गांधीः कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि लोकपाल का देश 45 साल से इंतजार कर रहा है। उन्होंने संसद के मौजूदा सत्र को बढ़ाकर करप्शन को रोकने के लिए पेंडिंग पड़े बिलों को पारित कराने का भी सुझाव दिया। राहुल ने कहा, 'लोकपाल बिल को पास करके हमारे पर इतिहास रचने का मौका है। मेरी सभी पार्टियों से एकजुट होकर एकमत से लोकपाल और लोकायुक्त बिल पास करने की अपील है। आरटीआई ऐक्ट पहला कदम था। लोकपाल करप्शन के खिलाफ लड़ाई और अधिकारियों की जिम्मेदारी बढ़ाने की दिशा में मजबूत कदम साबित होगा। अकेले लोकपाल बिल से करप्शन खत्म नहीं हो सकता। इसके लिए ऐंटि करप्शन फ्रेमवर्क बनाने की जरूरत है। यूपीए सरकार ने इस दिशा में काम किया है। हमें संसद का सत्र संपन्न होने से पहले भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में अधूरे पड़े कार्य को पूरा करना चाहिए। भ्रष्टाचार से लड़ने वाले छह विधेयक (4 लोकसभा में और 2 राज्यसभा में) लंबित हैं। आवश्यकता हो तो क्या हम इस सत्र की अवधि नहीं बढ़ा सकते।
लोकसभा से बिल जैसे ही पास हुआ, सैकड़ों किलोमीटर दूर रालेगण सिद्धि में अनशन पर बैठे अन्ना हजारे खुशी से झूम उठे। उन्होंने मंच पर मौजूद किरण बेदी के साथ तिरंगा लहराकर खुशी का इजहार किया। अन्ना ने कहा कि इस बिल से भ्रष्टाचार पूरी तरह से खत्म नहीं होगा, लेकिन 40 से 50 प्रतिशत भ्रष्टाचार जरूर कम हो जाएगा। उन्होंने साथ ही कहा कि कानून बनने से भर से काम नहीं होगा, इस पर अमल भी जरूरी है। उन्होंने लोगों से हमेशा जागरूक रहने और वॉचडॉग की भूमिका निभाने की अपील की। लोकपाल बिल लोकसभा में पास होने के बाद अन्ना ने 10 दिसंबर से चला आ रहा अपना अनशन भी समाप्त कर दिया। अन्ना ने एक बच्ची के हाथों जूस पीकर अनशन तोड़ा।
संशोधित लोकपाल विधेयक को बुधवार सुबह लोकसभा में पेश किया गया। मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी और सत्तारूढ़ कांग्रेस ने जहां इसका पुरजोर समर्थन किया, वहीं राज्यसभा में इस बिल पर बहस के दौरान वॉकआउट करने वाली समाजवादी पार्टी ने निचले सदन में भी इस बिल का विरोध किया। नेता विपक्ष सुषमा स्वराज ने लोकपाल बिल का पूरा क्रेडिट अन्ना हजारे को दिया। उन्होंने कहा कि इस बिल का क्रेडिट लेने के लिए कांग्रेस में होड़ मची है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी इसमें शामिल हैं। लेकिन इसका पूरा श्रेय इसके लिए आंदोलन करने वाले अन्ना हजारे को जाता है, जो अनशन कर देश की आत्मा को बार-बार झकझोरते रहे।
लोकपाल बिल संसद से पास होने के बाद झूमे अन्ना
समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने बिल को देश पर 'कलंक' बताते हुए सदन से वॉकआउट का ऐलान किया। मुलायम बिल के विरोध में बोलते हुए सोनिया गांधी और स्पीकर मीरा कुमार से लेकर विपक्षी दलों तक इसे वापस लेने की गुहार लगाते रहे। उन्होंने बिल का समर्थन करने लिए बीजेपी के सदस्यों को खूब खरी-खोटी भी सुनाई।
क्या कहा मुलायम ने : 'यह लोकपाल बिल खतरनाक है। यह पूरे देश को चौपट कर देगा। इतना डर हो जाएगा कि कोई अधिकारी कहीं दस्तखत नहीं करेगा। गंभीर स्थिति पैदा हो जाएगी। सभी को डर लगा रहेगा कि दस्तखत कर दिए, तो लोकपाल के तहत एक दारोगा जांच करेगा। प्रधानमंत्री की जांच तक दारोगा करेगा। केवल कांग्रेस-बीजेपी ईमानदार है और बाकी बेईमान हैं, ऐसा साबित किया जा रहा है। देश में कर्मचारी डर के कारण काम नहीं करेगा। कोई भी क्लर्क दस्तखत नहीं करेगा और देश में अराजकता फैलेगी। हमारी 10 साल पीछे की जांच होगी। गलत दिमाग का कोई अधिकारी हमें फंसा सकता है। आज ऐसा लग रहा है कि विपक्ष सरकार का पिछलग्गू हो गया है। सोनिया जी से मेरा आग्रह कि आप इसे वापस लीजिए। देश के बंटवारे के लिए काम करने वालों की बातों में न आइए। स्पीकर महोदय आप भी इसे वापस ले सकती हैं। हम इस बिल का बहिष्कार करते हैं।'
क्या बोले राहुल गांधीः कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि लोकपाल का देश 45 साल से इंतजार कर रहा है। उन्होंने संसद के मौजूदा सत्र को बढ़ाकर करप्शन को रोकने के लिए पेंडिंग पड़े बिलों को पारित कराने का भी सुझाव दिया। राहुल ने कहा, 'लोकपाल बिल को पास करके हमारे पर इतिहास रचने का मौका है। मेरी सभी पार्टियों से एकजुट होकर एकमत से लोकपाल और लोकायुक्त बिल पास करने की अपील है। आरटीआई ऐक्ट पहला कदम था। लोकपाल करप्शन के खिलाफ लड़ाई और अधिकारियों की जिम्मेदारी बढ़ाने की दिशा में मजबूत कदम साबित होगा। अकेले लोकपाल बिल से करप्शन खत्म नहीं हो सकता। इसके लिए ऐंटि करप्शन फ्रेमवर्क बनाने की जरूरत है। यूपीए सरकार ने इस दिशा में काम किया है। हमें संसद का सत्र संपन्न होने से पहले भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में अधूरे पड़े कार्य को पूरा करना चाहिए। भ्रष्टाचार से लड़ने वाले छह विधेयक (4 लोकसभा में और 2 राज्यसभा में) लंबित हैं। आवश्यकता हो तो क्या हम इस सत्र की अवधि नहीं बढ़ा सकते।
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